क्यों मानते है बकरीद 2019
ईद का दिन चाँद के निकले पर ही मनाई जाती है वैसे तो यह ईद इस वर्ष 12 अगस्त को मनाई गई जिसमे सभी मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर धूम धाम से मनाया। बकरीद को ईद - उल -अजहा और ईद - उल - जुहा भी कहा जाता है।
ईद का दिन चाँद के निकले पर ही मनाई जाती है वैसे तो यह ईद इस वर्ष 12 अगस्त को मनाई गई जिसमे सभी मुस्लिम समुदाय के लोग मिलकर धूम धाम से मनाया। बकरीद को ईद - उल -अजहा और ईद - उल - जुहा भी कहा जाता है।
मीठी ईद के बाद इस्लाम धर्म का यह सबसे बड़ा त्यौहार और ँख्या माना जाता है इस त्यौहार को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है
ईद-उल-फित्र यानी मीठी ईद के 2 महीने बाद बकरा ईद मनाई जाती है इस दिन मुस्लिम समुदाय बड़ी संख्या में बकरे की कुर्बानी देते है इस विचार का आना स्वाभाविक है की बकरे की बलि क्यों कोई और जानवर क्यों नहीं। जो आपको प्रिय हो लेकिन बकरे की बलि का अलग ही महतवा है इसलिए बकरे की बलि दी जाती है